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hindi ghazal, ग़ज़ल,Ghazal (ग़ज़ल),राजपाल सिंह गुलिया झज्जर , हरियाणा









हवाओं से   किला हमको  बनाना  ही  नहीं  आया,
हकीकत  से  कभी  नजरें   चुराना  ही  नहीं आया.

हमारी  पीठ  के  पीछे   कहा  था  एक   साथी  ने ,
इसे  देखो  इसे अब  तक  कमाना  ही  नहीं  आया.

खफ़ा  वो  हो  गए  हमसे  बिना  ही  बात के यारो ,
इसे  उनकी  अदा  कह कर  मनाना ही नहीं आया .

रहे  थे  वो हमेशा  ही   मेरी  जद  में  यहाँ  लेकिन ,
निशाना  ये  कभी उन पर  लगाना  ही  नहीं आया .

मिला था भीड़ में कोई मगर फिर खो गया ' गुलिया'
निगाहों  से  उसे  दिल  में  बसाना  ही  नहीं  आया .

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संपर्क सूत्र : -
   राजकीय प्राथमिक पाठशाला  भटेड़ा 
  तहसील व जिला - झज्जर ( हरियाणा )
              पिन - 124108 
      मोबाइल #9416272973

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