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Best Hindi Balgget,बालगीत हिंदी |Hindi Nursery Rhymes, Hindi Rhymes | राजपाल सिंह गुलिया




बालगीत


       सूरज मेरा मीत 

सूरज   मेरा   मीत   बने  तो ,
      मंद करूं मैं इसका तेज !

कुल्फी  इसको रोज  खिलाऊँ .
बर्फ   डालकर   नीर  पिलाऊँ .
शीत  लहर जब यौवन पर हो ,
आग जला  कर  तेज  बढ़ाऊँ .
आग   उगलने   लगे  कभी  ये ,
        हो शीतलता से लबरेज !  ::::::::

दोनों    नदी    किनारे     जाएं .
मलमल  कर  हम  खूब  नहाएं.
नीर  नदी   का   लगे   उबलने ,  
 तब फिर हम घर वापिस आएं .
हाथ  जोड़  सब  करें निवेदन , 
         इसको अंबर में दो भेज !  ::::::::
बात   सभी    ये    मेरी     माने .
ना   कोई    सिर   छाता    ताने .
कभी  इसे  नभ   में    जाने    दूँ ,
रखूं    कभी   इसको   तहखाने .
कहाँ  हुए   हैं   दिनकर  गायब ,
      फैले खबर सनसनीखेज !  



   राजकीय प्राथमिक पाठशाला भटेड़ा

  तहसील व जिला - झज्जर ( हरियाणा

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