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ghazal, ग़ज़ल,hindi Ghazal (ग़ज़ल),"हरियाणवी ग़ज़ल " ,राजपाल सिंह गुलिया झज्जर , हरियाणा .





          हरियाणवी ग़ज़ल
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काल तक था  लाट  साहब ,
आज   बारह   बाट   साहब .

कह दिया सो कह दिया इब ,
थूक  कै   मत  चाट  साहब .

टेम    म्हारा   भी   कदे  था ,
न्यूं   न  धरती  काट साहब .

खोल कै  सुण कान अपणे ,
बात  नै  मत   काट  साहब .

बेचते      पकवान    फीके ,
खोल   ऊँची   हाट  साहब .

मोल  हो  सै   बात  का  तू ,
क्यूं  गया  इब  नाट साहब ,

कोण  किसनै  खाण  नैं  दे ,
कोण  किसतै  घाट  साहब .

टैम   पै   ना    काम   आए ,
दाम  ले  इब   चाट   साहब .

भोग  ले  या   जोग  ले  ले ,
दिल  कितै  तै  डाट साहब .

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राजपाल सिंह गुलिया
जहादपुर , झज्जर ( हरियाणा )

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