header

dohe,hindi dohe,हरियाणवी बोली दोहे,couplets,हिंदी दोहे,राजपाल सिंह गुलिया





हरियाणवी दोहे



1.
आस  बिराणी छोड़ , कर , अपणे दम पै  काम !
कदे    भरोसै    जेठ   के , मतना  छोरी  जाम !!

2.
खूब  कमावै   खेत    मैं ,  दिन   देखै  ना    रात !
फेर भी इस  किसान के ,    बदले   ना   हालात !!

3.
बाबू    बेटा     हो    गए ,  कती   काम   तैं    दूर !
खेतां   मैं   इब  आ  बडै,    पूरबिया       मजदूर !!

4.
भरे   थाल   कै    मार   दे ,   ठोकर   जो  इंसान !
वो   अपणी   इस  जूण  मैं ,  होता  फिरे  बिरान !!

5.
दारू    धप्पा   छोड़   दे ,  बात   मान  ले  मीत !
तेरे    आले    खेत     पै ,   सै  लोगां   की नीत !!

6.
तेरी   उसकी  तू    बता ,  क्यूकर पड़ती पार !
कुछ तै खोटा  लोह  था  , किमैं खोटा लुहार !!

7.
बहम  करे क्यूँ   बावले , बात  बड़ां  की  मान !
दवा बहम की ना मिली,  हार  गया   लुकमान !!

8.
गजभर   घूँघट  काढ़  कै , कही बहू  नै एक !
जणू   भीड़  के   कान  पै ,दिया लितरा टेक !!

9.
ठावे    झूठे    नेम   ये ,   गेरैं   लोटे    नूण !
बता   इसे   शैतान   ने,  झूठा  कहदे  कूण !!

10.
मन   की   मन  मैं   राखले , मत देणा तू खोल !
रो   कै    सुणते   बात    ये ,पाच्छै करें मखोल !!
----------------------------------------------------------

संपर्क सूत्र :- 
             राजपाल सिंह गुलिया 
राजकीय प्राथमिक पाठशाला भटेड़ा
तहसील व जिला - झज्जर ( हरियाणा )

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ